ज़ुल्फ़ तेरी एक घनेरी शाम
की बदल है,
जो हर शाम रंगीन कर दे, ऐसी
वो तेरी आँचल है !!
कभी कभी वक़्त के साथ सब ठीक
नहीं सब ख़तम हो जाता है...
एक तरफ ढल रहा दिन,एक तरफ अंधेरा आ रहा है,बस याद है कि अब,ना आ रहा है, ना जा रहा है l
हर पुरानी बात कोछोड़ने की कोशिश,नये दिन के शुरुआत में करता हूँ,हर शाम लौट के वापस,कल के शाम के पास आ जाता हूँ l
इस अदा से गर क़तल करोगे,
बे-मौत ही मर जायेंगे परवाने,
शमा रोशन तो हो एक बार,
देखें कितना दम है तेरी रोशनी में..
हर सुबह आपको असल दें, हर फूल आपको मुस्कान दें,
हाँ दुआ करते हैं कि खुदा आपको नए सवेरे के साथ,
कामयाबी का नया आस्मां दे….