कभी कभी वक़्त के साथ सब ठीक
नहीं सब ख़तम हो जाता है...
"ना जाने क्यों इतनी बेचैनी बढ़ जाती है,कोई बात कभी जहन में अटक जाती है,वैसे तो सब बेहतर है, कोई ग़म नहीं है,जब देखता हूँ तुमको, साँसे अटक जाती है l"
हर पुरानी बात कोछोड़ने की कोशिश,नये दिन के शुरुआत में करता हूँ,हर शाम लौट के वापस,कल के शाम के पास आ जाता हूँ l
सुबह उठन उठकर स्कूल जाना,
जल्दी जल्दी में माँ की बनाई लंच भूल जाना।
ज़िंदगी बड़ी ज़ालिम हैं ये दोस्त,
बढ़ते उम्र के साथ माँ को मत भूल जाना.
Good Morning Shayari
ये दबदबा,ये हुकुमत,ये नशा, ये दौलतें………
सब किरायदार है, घर बदलते रहते हैं……
Hasai to hasi lav,
Radai to radi lav,
Sangraam chhe jindagi,
Ladai to ladi lav.