"उसकी अहसासों की शौल ओढ़ जब लेता हूँ,उसी साँसो की गर्माहट में जुदाई काट लेता हूँ,यादों ने उनके,साथ मुझसे जोड़ा है कुछ ऐसा,मुस्कुराते हुए, तन्हाई काट लेता हूँ l"
चाय के कप से उठाते धुंए में तेरी सूरत नज़र आती हैं..
क्या ऐसा नहीं हो सकता?
हम प्यार मांगे और तुम,
गले लगा कर कहो,
और कुछ?
यादों को तेरी हम प्यार करते हैं,
सारे जन्म भी तुझ पर जान निसार करते हैं,
फुर्सत मिले तो हमे SMS करना,
क्योंकि रोज़ रात हम तेरे Good Night कहने का इंतज़ार करते हैं।
ऐसा नही की आपकी याद आती नही,ख़ता सिर्फ़ इतनी है के हम बताते नही!