इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अंदाजा,वह मुझे सलाम करते हैं, जिन्हें तू सलाम करता है
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अंदाजा,
वह मुझे सलाम करते हैं, जिन्हें तू सलाम करता है
वहां तक चले चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है,
जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना।
कभी बादल, कभी बारिश, कभी उम्मीद के झरने,
तेरे अहसास ने छू कर मुझे क्या-क्या बना डाला!
लम्हो में बदल जाते हैं मौसम के तेवर…
कुदरत की नजाकत भी हसीनो से कम नहीं!
लिख के दिये सारे ख़त,हमने मोह्हबत के नाम,नहीं करते ऐसा तो,शायद हम भी मुकर जाते l
"मेरे कंधे पे सर रख तू खुद में खो सके,
तेरे कंधे पे सर रख मैं कभी रो सकूँ l"
तो तलाश आज दोनों की ख़त्म हुई.....❤💕