तेरे इश्क़ ने दिया सुकून इतना,
कि तेरे बाद कोई अच्छा न लगे,
तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर,
कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे।
ना छेड़ किस्सा ए उल्फत ,
बड़ी लम्बी कहानी है ।।
मैं जमाने से नहीं हारा ,
बस किसी की बात मानी है…..
वो मेरे पास से गुजरे और हाल तक ना पूछा
मैं कैसे मान जाऊँ कि वो दूर जाके रोये
Magar
rani sirf badsah ki hi hoti haii..
वो चैन से बैठे हैं मेरे दिल को मिटा कर
ये भी नहीं अहसास के क्या चीज़ मिटा दी