कभी किसी की बुराई मत करो
क्योंकि बुराई तुम में भी है
और जुबान दूसरों के पास भी ।
आज की रात भी तन्हा ही कटी
आज के दिन भी अंधेरा होगा
बस ये हुआ कि उस ने तकल्लुफ़ से बात की
और हम ने रोते रोते दुपट्टे भिगो लिए
ये बेवफा, वफा की कीमत क्या जाने !
ये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जाने !
जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर !
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने !!
इकरार बदलते रहते है… इंकार बदलते रहते हैं,
कुछ लोग यहाँ पर ऐसे है जो यार बदलते रहते हैं।
Ek aas, ek ehsaas, meri soch aur bus tum,
Ek sawal, ek majaal, tumhara khayal or bs tum,
Ek baat, ek shaam, tumhara sath or bus tum,
Ek dua, ek faryad, tumhari yaad or bus tum,
Mera junoon, mera sukoon bus tum or bus tum.