ये बेवफा, वफा की कीमत क्या जाने !
ये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जाने !
जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर !
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने !!
सिसक कर पूछती हैमुझसे ये तनहाईय़ाजो बड़े हमदर्द थे तेरेआखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.
सिसक कर पूछती है
मुझसे ये तनहाईय़ा
जो बड़े हमदर्द थे तेरे
आखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.
अब तुझे न सोचू तो, जिस्म टूटने-सा लगता है..
एक वक़्त गुजरा है तेरे नाम का नशा करते~करते !
दोस्ती दिल का हर गम भुला देती है
बंद आँखों में सपने सजा देती है
दोस्ती की दुनिया जरूर बनाए रखना
क्यूंकि मुहब्ब्त की दुनिया अक्सर रुला देती है
Teri Kami Khalti Rahti Hai Sada,
Ek Be Naam Tasweer Ki Tarah.