कांटों से घिरा रहता है चारों तरफ से फूल
फिर भी खिला रहता है, क्या खुशमिजाज़ है
यहाँ सब खामोश हैं कोई आवाज़ नहीं करता,
सच बोलकर कोई, किसी को नाराज़ नहीं करता।
हाल-ए-दिल यार को लिखूँ क्यूँकर
हाथ दिल से जुदा नहीं होता
तुम हमारे किसी तरह न हुए
वार्ना दुनिया में क्या नहीं होता
एक रोज निकाल कर सारे पुराने ख़त पढ़ लेना,हर ख़त का एक ही जवाब 'मोह्हबत' लिख देना l
तुम भी बदल गये,
हम भी बदल गये,
तब जाके ये ज़माना बदला..
तुम्हारे इश्क़ का मौसम,
हर मौसम से सुहाना होता है