तुम्हारे इश्क़ का मौसम,
हर मौसम से सुहाना होता है
ये वर्ष आपके लिए खुशियों का नगर हो,
क्या बखूबी हो हर एक खुशी आपकी अगर हो.
हर रात फुर्सत के नए गीत सुनाए,
लम्हों के लबों पे भी शबनम का असर हो.
हमें तुमसे मोहब्बत न होती,,
सिर्फ दो ही हालत में…
या “तुम” बने न होते,
या ये दिल बना न होता…
मैं तमाम दिन का थका हुआ,
तू तमाम शब का जगा हुआ,
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर,
तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ।
रब करे आप को नया साल रास आ जाए,जिसे आप चाहते हो वो आपके पास आ जाए,इस साल कुंवारे ना रहे आप,आप का रिश्ता लेकर आपकी सास आ जाए!!