पलट कर देख लेना, जब सदा दिल की सुनाई दे,
मेरी आवाज में शायद, तेरा चेहरा दिखाई दे…!
मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का,
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए।
उसके अन्दाजे इश्क से,लोग पागल हो जाते है lएक हम है जो नखरे पर,हर बार कायल हो जाते है l
एक तुम ही मिल जाते बस इतना काफ़ी था,सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
"खुशी में,महीनों की दूरी भी सह जाते है,नाराजगीं में, एक पल भी ना काट पाते है l"
जब चलना अपने पैरो पर है ,
तो औरों पे भरोसा क्यों ?