पलट कर देख लेना, जब सदा दिल की सुनाई दे,
मेरी आवाज में शायद, तेरा चेहरा दिखाई दे…!
मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का,
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए।
एक तुम ही मिल जाते बस इतना काफ़ी था,सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
"जब कोई पूछता है, 'प्यार समझते हो ',लबों पे तुम्हारा नाम आते-आते रह जाता है l"
जब चलना अपने पैरो पर है ,
तो औरों पे भरोसा क्यों ?