ये अलग बात है दिखाई न दे,मगर शामिल ज़रूर होता है,खुदकुशी करने वाले का भी,कोई न कोई कातिल जरूर होता है
ये अलग बात है दिखाई न दे,
मगर शामिल ज़रूर होता है,
खुदकुशी करने वाले का भी,
कोई न कोई कातिल जरूर होता है
वो आज भी मेरे Password में रहती है
जिसे भूलने का दावा मैं रोज करता हूँ
एक तरफ तेरी बढ़ेगी नराजगी,और एक तरफ बेचैनी मेरी lएक बार लगेगा की फासला बढ़ रहा,और फिर लगेगा कितने करीब है रहा l
"शिकायत करूं, तो नाराज़ हो जाती है,उम्मदगी में अपनी, मैं हार जाता हूँ,मोह्हबत है, और फ़िक्र भी ना आए,ऐसी जिल्लत वाली इश्क़ में मर जाता हूँ l"
दारू या दवा ना जाने कौन बचाएगा,
कुछ दिनों की बंदी है, वक़्त कट जायेगा l"