नज़र अंदाज़ करते हो तो, लो हट जाते है
नज़रों से!इन्हीं नज़रों से ढूँढोगे,
नजर जब हम नहीं आएंगे
मैं नदी तो,तुम समन्दर हो,
चला कंही से,पर तुम पर ठहरा हूँ💕
हिम्मत नहीं अब बहस करने की
जो तुम कहो वही ठीक है !
काश तकदीर भी होती किसी जुल्फ की तरह…
जब जब बिखरती संवार लेते…
बोलो है कोई वकील ऐसा इस जहान में
जो हारा हुआ इश्क जीता सके मुझको
कई बार ली है तुमने तलाशियाँ मेरे दिल की
बताओ कभी कुछ और मिला है तुम्हारे सिवा!!