मेरी पहचान आप से पापा…
क्या कहूं आप मेरे लिय क्या हो…
रहने को है पैरों के नीचे ये जमीन…
पर मेरे लिए तो मेरा आसमान आप हो.
Happy Father's Day
चलो एक कप चाय बनाते है,
तुम चीनी बन कर घुल जाना,
हम पत्ति बनकर रंग जमाते है।
“मेरे इश्क में दर्द नहीं था पर दिल मेरा बे दर्द नहीं था,
होती थी मेरी आँखों से नीर की बरसात,
पर उनके लिए आंसू और पानी में फर्क नहीं था ”!
उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा
ज़िदगी जीने के लिये मिली थी,
लोगों ने सोच कर गुज़ार दी……
Main uske haathon ka khilona hi sahi;
kuch der ke liye hi sahi, usne mujhe chaha to hai..