मनुष्य को कभी ये नहीं सोचना चाहिए कि वो कितना खुश हैं,
बल्कि ये सोचना चाहिए की उसकी वजह से दूसरे कितने खुश हैं.
Aaj ka suvichar
अलग है भाषा,
धर्म जात और प्रांत,
पर हम सब का एक है,
गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ.
गंगा में डुबकी लगाकर तीर्थ किये हजार,
इनसे क्या होगा अगर बदले नहीं विचार!!
बुजदिल हैं वो लोग जो मुहब्बत नहीं करते
जिगर चाहिए खुद को बर्बाद करने के लिए
हमसफ़र खूबसूरत नहीं
बल्कि सच्चा होना चाहिए
धागा एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने पर भी गाँठ पड़ ही जाती है
उसी तरह रिश्ते एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने में एक गाँठ बन ही जाती है