हम सिर्फ तुम्हारे इंतजार में बैठे हैं, बात ना सही गुड नाईट ही बोल दो …Good Night
बात ना सही गुड नाईट ही बोल दो …
Good Night
कुछ “इकठ्ठा” भी उन्हीं के पास होता है जो “बाँटना” जानते हैं …
फिर चाहे “भोजन हो या प्यार” हो या फिर “सम्मान” …
"उसकी अहसासों की शौल ओढ़ जब लेता हूँ,उसी साँसो की गर्माहट में जुदाई काट लेता हूँ,यादों ने उनके,साथ मुझसे जोड़ा है कुछ ऐसा,मुस्कुराते हुए, तन्हाई काट लेता हूँ l"
चाय के कप से उठाते धुंए में तेरी सूरत नज़र आती हैं..
क्या ऐसा नहीं हो सकता?
हम प्यार मांगे और तुम,
गले लगा कर कहो,
और कुछ?