एक डर सा लगा हुआ है मुझे,वो बिना शर्त चाहता है मुझे ।
मैंने लिख दिए है, गीत तुम्हारे लिए,जब भी जी चाहे गुनगुना लेना,हम सदा थोड़ी रहंगे,नाराजगीं के लिए तेरे पास,आज हूँ, थोड़ा मुस्कुरा लेना l
"अगले पल ज़िंदगी ना जाने,कौन सा रंग दिखायेगी lहम है,रोज नये सपने खरीदते है,ना जाने वो,कैसे फ्रेम में आएगी l"
"कोई सड़क कभी, किसी मंजिल पे ख़त्म नहीं होती,किसी छोर पे जुड़ जाती है, किसी और रास्ते से,कोई एक मंजिल,पे ज़िंदगी भी कभी रूकती नहीं,मुड़ के देखना, और खूबसूरत हो अगले मोड़ से l"
हमें क्या पता था?
कि इश्क कैसा होता है?
हमें तो बस आप मिले और,
इश्क हो गया.