रूठ जाने के बादगलती चाहे जिसकी भी हो,बात शुरू वही करता है जिसको,आपसे बेपनाह मोहब्बत है
रूठ जाने के बाद
गलती चाहे जिसकी भी हो,
बात शुरू वही करता है जिसको,
आपसे बेपनाह मोहब्बत है
जन्नत का हर लम्हा….दीदार किया थागोद मे उठाकर जब मॉ ने प्यार किया था
जन्नत का हर लम्हा….दीदार किया था
गोद मे उठाकर जब मॉ ने प्यार किया था
अब ये न पूछना के मैं अलफ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ,कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के कुछ अपनी सुनाता हूँ।
अब ये न पूछना के मैं अलफ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ,
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के कुछ अपनी सुनाता हूँ।
"कभी बैठो, किसी सुबह,तो तुम्हें बताते है..प्याली से उठते भाप से,तुम्हारा नाम लिख जाते है l"
चार दीवारों के अलावा भी,घर में कुछ होता है,दो बाहें होती है औरएक दिल होता है...