गुस्सा करूँ तुम पर कभी कभी मैं भी सोचता हूँ, पर इसको समझने का प्यार तुझमे नहीं सोचकर ये हँसता हूँ। 🤗😫
गुस्सा करूँ तुम पर कभी कभी मैं भी सोचता हूँ,
पर इसको समझने का प्यार तुझमे नहीं सोचकर ये हँसता हूँ। 🤗😫
इकरार और इजहार के बाद भीबदल जाता प्यार है,बस मोह्हबत एक तरफ़ा ही सहीइसमें हार में भी प्यार है l