बहुत अच्छा चल रहा था यह रिश्ता हमारा,
बिछड़े इस रफ़्तार से मानो, मैं आसमान और वो टूट ता तारा.
गुस्सा करूँ तुम पर कभी कभी मैं भी सोचता हूँ, पर इसको समझने का प्यार तुझमे नहीं सोचकर ये हँसता हूँ। 🤗😫
गुस्सा करूँ तुम पर कभी कभी मैं भी सोचता हूँ,
पर इसको समझने का प्यार तुझमे नहीं सोचकर ये हँसता हूँ। 🤗😫
"उगते सूरज को,अंधेरा रोक पाया क्या,फूलों को महकने से, हवा रोक पाया क्या,दिल में मोह्हबत को,कोई रोक नहीं सकता,आँखें बंद करके, ख्वाब को कोई रोक पाया क्या l"
इकरार और इजहार के बाद भीबदल जाता प्यार है,बस मोह्हबत एक तरफ़ा ही सहीइसमें हार में भी प्यार है l
Jis ke naseeb mein hon zamaney ki thokarein…!!
Us bad-naseeb sey na sahar’on ki baat ker…