गुस्सा करूँ तुम पर कभी कभी मैं भी सोचता हूँ, पर इसको समझने का प्यार तुझमे नहीं सोचकर ये हँसता हूँ। 🤗😫
गुस्सा करूँ तुम पर कभी कभी मैं भी सोचता हूँ,
पर इसको समझने का प्यार तुझमे नहीं सोचकर ये हँसता हूँ। 🤗😫
चंदन की लकड़ी फूलों का हार,अगस्त का महीना सावन की फुहार,भैया की कलाई बहन का प्यार,मुबारक हो आपको रक्षा-बंधनका त्यौहार।
तुम शराफ़त को बाज़ार में क्यूँ ले आए हो…
दोस्त
ये सिक्का तो बरसों से नहीं चलता…!!
आप से मिलने का मन कर रहा है,मन को समझाया तो दिल कह रहा है,दिल को बताया तो आँखे रो पड़ी,उन्हे चुप कर दिया तो, साँसे बोल पड़ी,Happy New Year My Dear!!
हम आज भी शतरंज़ का खेलअकेले ही खेलते हे ,क्युकी दोस्तों के खिलाफ चालचलना हमे आता नही ..।