तेरे आगोश में मिल जाये पनाहहम इतने खुश नसीब कहाँ
तेरे आगोश में मिल जाये पनाह
हम इतने खुश नसीब कहाँ
"बदल जाते है दिन, नया सवेरा आता है,वो शख्स, ना जाने क्यों साथ चला आता है,खुशियों के कदम तो चले, वो चार थे,ग़म का कारवाँ है देखो, खत्म नहीं हो पाता हैl"
सिसकियाँ ले रो रहा है शहर,
ना जाने खुदा को नींद कैसे आती है..🙏
खुदा करे वो मोहब्बत जो तेरे नाम से है,
हजार साल गुजरने पे भी जवान ही रहे।
Khud Me Hum Kuch Is Tarah Kho Jate Hai,
Sonchte Hai Aapko To Aapke Hi Ho Jaate Hai,
Nind Nahi Aati Raton Me Par,
Aapko Khwab Me Dekhne Ke Liye So Jate Hai
ऐसा नहीं था कि इस दिल में तेरी तस्वीर नहीं थी
लेकिन इन हाथों में तेरे नाम की लकीर ही नहीं थी