मुस्कुरा के देखो तो सारा जहॉ रंगीन है…वरना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है..
मुस्कुरा के देखो तो सारा जहॉ रंगीन है…
वरना भीगी पलकों से तो आईना भी धुंधला दिखता है..
तुम्हें देखे बिना हम तो ना रह पायेंगे,नज़र चुराते है, नज़र मिलते ही आँख भर आएंगे l
उमीद तो हमने ये की थी,
में राँझा तेरा तू मेरी हीर बने,
पर शायद खुद को ये मंज़ूर न था,
की तू मेरी तकदीर बने!
मैं अगर चाहु भी तो शायद ना लिख सकूं उन लफ़्ज़ों को
जिन्हे पढ़ कर तुम समझ सको की मुझे तुम से कितनी मोहब्बत है..!!
तैरना तो आता था हमें मुहब्बत के समंदर में
लेकिन जब उसने हाथ ही ना पकड़ा तो डूब जाना ही अच्छा था