मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है,मगर… लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं
अब शामे खत्म तुमसे,अब सुबह शुरू तुमसे ,बचे निशा के कुछ पल,उसमे नींद भी तुमसे,सोयी आँखों के सपने भी तुमसे l
तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम।
कितना रोया था मैं तेरी खातिर
अब सोचता हूँ तो हंसी आती है ..
"है साथ जब वो तो,प्रेम है,जब साथ नहीं तो,प्रेम कहानी है,जिसे देख,जब गुजरे पल,प्रेम की कविता है l"
श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है,
बोल तेरी मीठी घायल कर जाती है l
वो गोरे होते तो क्या होते,
सांवले रंग पे ही दुनिया मर जाती है l