तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम।
कुछ इस तरह से नव वर्ष की शुरुआत होगी,
चाहत अपनों की सबके साथ होगी,
न फिर गम की कोई बात होगी,
क्योंकि नये साल में खुशियों की बरसात होगी
हैप्पी न्यू ईयर 2021
काश यह जालिम जुदाई न होती!
ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती! न
हम उनसे मिलते न प्यार होता!
ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती!
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही,इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नही।
वो चैन से बैठे हैं मेरे दिल को मिटा कर
ये भी नहीं अहसास के क्या चीज़ मिटा दी