रेत पर लिखी बात को लहरें मिटा देती है,वो कहती नहीं पर हर बात बता देती है lलिखती है वो खत अकेले में ,खुद पढ़ती है और फिर जला देती है l
जिनके लिए हम लिखते है ,अक्सर , उनको ही हम कुछ लिख नहीं पाते !!
बहुत बाकी रह जाना,तुम्हें खोजते-खोजते,एक दिन खुद को पा लूँगा l"
"उसकी अहसासों की शौल ओढ़ जब लेता हूँ,उसी साँसो की गर्माहट में जुदाई काट लेता हूँ,यादों ने उनके,साथ मुझसे जोड़ा है कुछ ऐसा,मुस्कुराते हुए, तन्हाई काट लेता हूँ l"
दुनिया ने भले हमें जुदा कहा,हमने दिल से कभी ना उन्हें,अलविदा कहा l"