सुबह कुछ यूँ आता है तुम्हारा ख्याल,जैसे बाग में खिला हो खूबसूरत गुलाब lजिसकी खुशबू से महकता जीवन मेरा,अब रहो साथ ना करो कोई सवाल l
Good Morning
मेरे अनकहे "अलविदा" को…
तुम्हारे फिर से मिलने का इंतज़ार हैं ।
अपेक्षाएं जहां खत्म होती हैं,सुकून वहीं से शुरू होता है !
जितना तुमने मुझे छोड़ा था..
मैंने उस से कहीं ज्यादा दुनियाँ को छोड़ दिया है..
खैर चले तो गए हो तुम अब बिछड़ भी जाओ मुझसे...
ये इश्क़ सिर्फ मेरा है,ये अश्क़ सिर्फ मेरा है lकिसी से कह नहीं सकता,वो शख्स सिर्फ मेरा है l
इकरार करने में शब्दों का होना लाज्मी नहीं
दिल के जज्बात ही काफी हैं
आंखें बयान कर देती हैं दिल की दास्तान,
मोहब्बत लफ्जों की मोहताज़ नही होती