ज़िन्दगी चाहे लिख रही हो काजल के गीत...!. . ख्वाब पलकों पे हमारी सुनहरे ही रहते हैं...!!
कुछ कहा, अनकहा रह जाने दो,कुछ सुना, अनसुना रह जाने दो,उसी कुछ की तालाश रह जाने दो,मोह्हबत मुझे यूँ भी तुमसे निभाने दो l
" 'तुम ठीक हो' मेरे पूछने पे,जवाब 'हाँ' में आना ही..आज किसी मोह्हबत वाली,बात से जादा सुकून देता है l"
सफ़र में साथ तेरा, ऐ हमसफ़र!हमेशा नहीं होगा,मेरे दिल में, तेरे लिए दुआ के सिवा कुछ नहीं होगा l
"जब शाम मिलता है, रात से,
उस वक़्त कभी, मुझसे मिलो ना,
सामने अंधेरा हो,पीछे उजाला हो,
चिराग इश्क़ का,उस पहर जलाओ ना l"
उस उम्र से हमने तुमको चाहा है,
जिस उम्र में हम जिस्म से वाकिफ ना थे…!!!