फूलों की तरह महकते रहो,सितारों की तरह चमकते रहो,किस्मत से मिली है ये ज़िंदगी,खुद भी हंसो और औरों को भी हंसाते रहो..शुभ रात्रि।।
शुभ रात्रि।।
जाने अब कौन आँखों से निकल,कागज़ पे आने वाला है,सुना हैं मेरा मेहबूब फिर,कोई तस्वीर बनाने वाला है l
बनकर तेरा साया तेरा साथ निभाऊंगा..
तू जहाँ जहाँ जाएगी मैं वहाँ वहाँ आऊँगा..
साया तो छोड़ जाता है अँधेरे में साथ
लेकिन में अँधेरे में तेरा उजाला बन जाऊँगा.
ये मेरी मोहब्बत थी की दीवानगी की इंतिहा, तेरे करीब से गुजर गया तेरे ही ख़यालो में!!
मेरी जिंदगी मै खुशियां तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है.