तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है!
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है!
फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ दर्दे दिलवालों!
यहाँ दर्द-ऐ-दिल की दावा पिलाई जाती है!
वो भी दिन थे जब हम भी पिया करते थे,
यूँ न करो हमसे पीने पिलाने की बात,
जितनी तुम्हारे जाम में है शराब,
उतनी हम पैमाने में छोड़ दिया करते थे।
आप भूल गए हमें, लेकिन हम नहीं भूले,याद करते हैं हर पल, बीते हुए जिंदगी के कुछ पल.
आप भूल गए हमें, लेकिन हम नहीं भूले,
याद करते हैं हर पल, बीते हुए जिंदगी के कुछ पल.
ये दिल जिंदगी से खफा हो चला था,इसे फिर से जीने के बहाने तुम बने!
ये दिल जिंदगी से खफा हो चला था,
इसे फिर से जीने के बहाने तुम बने!
Pyar Bhari shayari
बोतलें खोल कर तो पी बरसों
आज दिल खोल कर भी पी जाए