कल शाम की अंतिम मुलाकत ,
और सुबह तुमसे बात अच्छा लगता है l
हर बार तुमसे मिलना ,
पहली बार लगता है l
उसकी कश्ती डूब गयी समंदर में कहीं,माँझी जो बच गया बदनाम सारे जहाँ में हो गया...!
जिनके लिए हम लिखते है ,अक्सर , उनको ही हम कुछ लिख नहीं पाते !!
"तुमसे हुई बातें,मैं दोबारा खुद से कर जाता हूँ,फिर वही बात मैं कागज़ पे लिख जाता हूँ l"
Good Morning
मैं चाहकर भी शायद
ना लिख सकूँ उन शब्दों को
जिन्हे पढ़कर आप समझ पाओ
कि मुझे तुमसे कितना प्यार है !!!