उसकी कश्ती डूब गयी समंदर में कहीं,माँझी जो बच गया बदनाम सारे जहाँ में हो गया...!
तेरे बाद हमने इस
दिल का दरवाजा खोला ही नहीं
वरना बहुत से चाँद आये
इस घर को सजाने के लिए
भरोसा क्या करना गैरों पर,जब गिरना और चलना है अपने ही पैरों पर।
हमने अपनी यादों के बागीचे मेंतेरी यादों के पौधे को सींच कर रख रखा था पर आप हमे अपनी यादों के बगीचे में लगी गंदी घास समझ कर भूल गये।
हमने अपनी यादों के बागीचे में
तेरी यादों के पौधे को सींच कर रख रखा था
पर आप हमे अपनी यादों के बगीचे में
लगी गंदी घास समझ कर भूल गये।
बात वफ़ाओ की होती, तो कभी न हारते,
बात नसीब की थी, कुछ ना कर सके।