इसी कशमकश में गुजर जाता है दिन
कि तुमसे बात करूं
या तुम्हारी बात करूं
बहुत खूबसूरत वो रातें होती है,जब तुमसे दिल की बात होती है ||वैसे कुछ खास लफ्ज़ नहीं होते मेरे पास,पर जब उनकी याद आती है तोह,मेरे लिखे लफ्ज़ो में भी मिठास आ जाती है.
अपनी छवि का ध्यान रखें
क्यूंकि इसकी आयु आपकी आयु से कहीं ज्यादा होती है
कितने मूर्ख हैं
हम भगवान के बनाए फलों को भगवान को ही अर्पण करके धन दौलत माँगने लगते हैं