अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो तोलोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
अगर जिंदगी में सुकून चाहते हो तो
लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दो
मनुष्य को चाहिए कि दुराचारी, कुदृष्टि वाले, बुरे स्थान में रहने वाले और दुर्जन मनुष्य के साथ मित्रता न करें,
क्योंकि इनके साथ मित्रता करने वाला मनुष्य शीघ्र ही नष्ट हो जाता है....!!!
दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो
धागा एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने पर भी गाँठ पड़ ही जाती है
उसी तरह रिश्ते एक बार टूट जाये तो फिर से जोड़ने में एक गाँठ बन ही जाती है
हाथ में घडी कोई भी हो, लेकिन वक़्त अपना होना चाहिए