घिनोनी सोच से बाहर आओ, दहेज़ प्रथा को नष्ट कराओ|
यकीन और दुआ नज़र नहीं आते मगर,
नामुमकिन को मुमकिन बना देते हैं।
सफलता ना मिले तो घबराना नही,
रुक कर सोचना तो पाओगे की ,
कुछ कदम चलना अभी शेष है।
संकट के समय धैर्य धारण करना
मानो आधी लड़ाई जीत लेना है
मुस्कुराना एक कला है
जिसने इस कला को सीख लिया
वो जीवन में कभी दुखी हो ही नहीं सकता