Saat ghodon ke rath par savaar.
Bhagvan surya aaye aapke dwaar.
Kirno se bhare apka ghar sansaar.
Chhath parva ho apke liye smriddhi ka tyohar.
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
परिश्रम की मिशाल हैं, जिस पर कर्जो के निशान हैं,
घर चलाने में खुद को मिटा दिया, और कोई नही वह किसान हैं
संकट के समय धैर्य धारण करना
मानो आधी लड़ाई जीत लेना है
वर्षों से दहलीज़ पर कड़ी वो मुस्कान है,
जो हमारे कानो में धीरे से कहती है,
“सब अच्छा होगा”