चाहत इतनी थी की उनको बताई न गई,
चोट दिल पर लगी इसलिए दिखाई न गई,
तालीम नहीं दी जाती
परिंदो को उड़ानों की……..
वह तो खुद ही समझ
जाते हैं उच्चै आसमानो की…
हर साँस में उनकी याद होती है,मेरी आंखों को उनकी तलाश होती है,कितनी खूबसूरत है चीज ये मोहब्बत,कि दिल धड़कने में भी उनकी आवाज होती है।
Na Pocho Ke Meri Manjil Kaha Hai
Abhi To Safar Ka Irada Kiya Hai
Na Haronga Hosla Umar Bhar
Ye Mene Kisi se nahi khud se vadha kiya hai…
कुछ लुटकर, कुछ लूटाकर लौट आया हूँ,
वफ़ा की उम्मीद में धोखा खाकर लौट आया हूँ |
अब तुम याद भी आओगी, फिर भी न पाओगी,
हसते लबों से ऐसे सारे ग़म छुपाकर लौट आया हूँ |