अक्सर याद आता है कॉलेज का जमाना,
दिल में इश्क और मन पढ़ाई में लगाना.
सज़ा ना दे मुझको बेकसूर हूँ मैं थाम ले
मुझको गमों से चूर हूँ मैं
तेरी दूरी ने कर दिया पागल सा मुझे
और लोग कहते हैं दीवाना हूँ मैं !!
ये फूल ये खुशबू ये बहार !
तुमको मिले ये सब उपहार !!
आसमा के चाँद और सितारे !
इन सब से तुम करो सृंगार !!
तुम खुश रहों आवाद रहों……
खुशियों का हो ऐसी फुहार !
हमारी ऐसी दुआ हैं हजार !!
दामन तुम्हारा छोटा पर जाए !
जीवन में मिले तुम्हे इतना प्यार !
Magar
rani sirf badsah ki hi hoti haii..
मुश्किलें दिलो के इरादे आज़माएगी
ख्वाबो के परदे निगाहो से हटाएगी
गिरकर तुझे है समभलना
यह ठोकरें ही तुझे चलना सिखाएगी…