माँ की लोरियाँ अब कहाँ?
चिड़ियों की बोलियाँ अब कहाँ?
ख़ुद से ही जगाना हैं हमें अब तो,
ज़िंदगी आ गई हैं जिस जगह.
गुड मॉर्निंग शायरी.
सपनो से दिल लगाने की आदत नहीं रही,
हर वक्त मुस्कुराने की आदत नहीं रही,
ये सोच के की कोई मनाने नहीं आएगा,
हमें रूठ जाने की आदत नहीं रही |
आप को देख कर यह निगाह रुक जाएगी
खामोशी अब हर बात कह जाएगी
पढ़ लो इन आँखों में अपनी मोहब्बत
कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी
आँखे तो प्यार में दिल की जुबान होती है,
चाहत तो सदा बेजुबान होती है,
प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना,
सुना है दर्द से चाहत और जवान होती है.
गुजर गई वो सितारों वाली प्यारी सी रात,
आ गयी याद वो आपकी एक मीठी सी बात,
हर पल होती रहती थी हमारी मुलाकात,
अब तो बिन आपके होती होती है दिन की शुरुआत! 💘
Good Morning