Tumhaari Ada Ka Kya Javaab Doon
Apane Dost Ko Kya Upahaar Doon,
Koy Achchha Sa Phool Hota To Maali Se Mangavaata
Jo Khud Gulaab Hai, Usako Kya Gulaab Doon
एक रोस उनके लिएजो मिलते नही रोज़-रोज़,मगर याद आते है हर रोज़ |
चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो,कुछ यूँ चला है तेरे ‘इश्क’ का जादू,सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
आज एक स्वेटर और पहन लो,
आज एक रज़ाई और ओढ़ लो,
आज एक मफ़लर और लपेट लो,
आज दो मोज़े और पहन लो,
आज एक कहवा और पी लो,
आज एक हीटर और चला लो,
क्या पता…
कल ठण्ड हो न हो…!!!
Happy Winter
आ गया है फर्क तुम्हारी नजरों में यकीनन…
अब एक खास अंदाज़ से नजर अंदाज़ करते हो हमे…