भोले तेरे भी शौक निराले है ,
कही चिलम , कही गांजा , कहीं विष के प्याले है |
चलो फ़िर से हौले से मुस्कुराते हैं,बिना माचिस के ही लोगों को जलाते हैं।
" रिस्ता " बारिश जैसा नही होना चाहिए ,
जो बरसकर खत्म हो जाए।
बल्कि
"रिस्ता "हवा की तरह होना चाहिए,
जो खामोश हो मगर सदैव आसपास हो।।🙏🙏
अगर तुमसे कोई पूछे बताओ ज़िन्दगी क्या है,हथेली पर जरा सी राख़ रखना और उड़ा देना।
जगह-जगह में शिव हैं हर जगह में शिव है
है वर्तमान शिव और भविष्य भी शिव हैं !
आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाए