विद्या के अलंकार से अलंकृत होने पर भी दुर्जन से दूर ही रहना चाहिए,
क्योंकि मणि से भूषित होने पर भी क्या सर्प भयंकर नहीं होता
हे ईश्वर… बस एक छोटी सी दुआ है,
जिन लम्हों में, मेरे अपने मुस्कुराते हो…
वो लम्हे कभी ख़त्म न हो…
ज़िन्दगी जब भी मुझे लगा मैंने तुझे पढ़ लिया,लेकिन न जाने क्यों कम्बख़्त तूने एक और पन्ना खोल दिया
ज़िन्दगी जब भी मुझे लगा मैंने तुझे पढ़ लिया,
लेकिन न जाने क्यों कम्बख़्त तूने एक और पन्ना खोल दिया
बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै,किसी से कुछ कहने की कोशिश मे।