एक किताब पढ़ने से जितना सीखते हैं
उसका हजार गुना यात्रा करने से सीखते हैं.
अपनी छवि का ध्यान रखें
क्यूंकि इसकी आयु आपकी आयु से कहीं ज्यादा होती है
दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो
हाथ में घडी कोई भी हो, लेकिन वक़्त अपना होना चाहिए
बात वफ़ाओ की होती, तो कभी न हारते,
बात नसीब की थी, कुछ ना कर सके।