स्वयं को ऐसा बनाओ, जहाँ तुम हो, वहां तुम्हें सब प्यार करे,
जहाँ से तुम चले जाओ, वहां सब तुमें याद करें,
जहाँम पहुँचने वाले हो, वहां सब तुम्हारा इंतज़ार करें।
ताऊ : कुत्तो आयो है जा एक रोटी लियाताई : रोटी तो नी हैताऊ : तो लठ लिया खाली नी जावा दांगा।
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते..
लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता हैं.
क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर..
हाल हमारा वही है, जो तुमने बना रखा है..
उड़े पतंग आसमान में सबकी निराली
पीली, लाल, हरी, नीली और काली
आओ मिलकर हम सब वसंत मनाएं
द्वार पर अपने रंगीली रंगोली सजाएं
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं