आज का सुविचार
"जो पानी से नहाएगा वो सिर्फ
लिबास बदल सकता है,
लेकिन
जो पसीने से नहाएगा
वो इतिहास बदल सकता है"
जीवन बहती नदी है, अतः हर परिस्थिति में आगे बढे
जहा कोशिश का कद बड़ा होता है
वह नसीबो को भी झुकना पड़ता है
परिश्रम वह चाबी है
जो सौभाग्य के द्वार खोलती है
अपनी कमियाँ पूरी दुनिया से छिपाइए,
लेकिन अपनी कमियाँ कभी खुद से मत छिपाइए
अपनी कमियाँ खुद से छिपाने का मतलब होता है,
अपने आप को खुद बर्बाद करना
एक दिन सागर ने नदी से पुछा- कब तक मिलती रहोगी मुझ खारे पानी से।
नदी ने हस कर कहा – जब तक तुझमे मिठास न आ जाये।