आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
सदा दूर रहो ग़म की परछाइयों से,
सामना ना हो कभी तन्हाइयों से,
हर अरमान हर ख़्वाब पूरा हो आपका,
यही दुआ है दिल की गहराइयों से।
शायर तो हम
“दिल” से है….
कमबख्त “दिमाग” ने
व्यापारी बना दिया.
वजह की तलाश में। . वक़्त न गवाया करो
बेवजह बेपरवाह बेझिझक बस मुस्कराया करो।
गुड मॉर्निंग
इश्क ने तेरी जिंदगी से मेरी पहचान कराई है
प्यार ही जिंदगी है यह बात मुझे समझाई है
बस कभी बुझे ना ये समां मोहब्बत की सनम
जो मैंने तेरे और तूने मेरे दिल में जलाई है