अगर RUSTAM भोजपुरी में बनी होती तो उसका नाम कुछ ऐसा होताभैया फ़ौज में, भाभी मौज में
" रिस्ता " बारिश जैसा नही होना चाहिए ,
जो बरसकर खत्म हो जाए।
बल्कि
"रिस्ता "हवा की तरह होना चाहिए,
जो खामोश हो मगर सदैव आसपास हो।।🙏🙏
सुनी थी सिर्फ हमने ग़ज़लों में जुदाई की बातें ;
अब खुद पे बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ !!
तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है ,
ए दोस्तों.....
लेकिन पूरी उसकी ही होती है जो तक़दीर लेकर आता है .
Aaj Ki Holi Mein Aapke Sab Dukh Dard Jal Jaayein,
Aur Kal Ki Rangpanchami Ke Saare Rang Aapke Jeevan Ko
Khushiyon Se Bhar Jaayein….. Shubh Holi