Door kahin meri nazro se rahti hai wo,
har lamha mere khayalo me rahti hai wo.
Kaisi hai wo, kis haal me hai wo,
dil ke mere har sawaal me rahti hai wo.
आलम तो ये न था कि दूरियाँ इतनी बढ़ जाये,पर बेक़रारी ने तो हद कर दी।
आलम तो ये न था कि दूरियाँ इतनी बढ़ जाये,
पर बेक़रारी ने तो हद कर दी।
हम आज भी शतरंज़ का खेलअकेले ही खेलते हे ,क्युकी दोस्तों के खिलाफ चालचलना हमे आता नही ..।
Na Waqif The Hum Chahat K Asulon Se, Is Liye Barbaad Huye…..
Na Usne Apna Banaya Na Kisi Aur K Qabil Chodha..
ऐसी अपनी वाईफ हो,
जींस जिसकी टाईट हो,
चेहरा जिसका व्हाईट हो,
बालों में स्टाईल हो,
होंठों पर स्माइल हो,
इंडिया कि पैदाईश हो,
सास की सेवा जिसकी ख्वाहिश हो,
तो क्या हसीन लाईफ हो।