Kuch Rishte Uparwaala Banaata Hai,
Kuch Rishte Log Banaate Hain,
Par Wo, Log Bahut Khaas Hote Hai,
Jo Bina Rishte Ke Koi Rishta Nibhate Hai.
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!
जो भी आता है एक नयी चोट दे के चला जाता है ए दोस्त,….
मै मज़बूत बहोत हु लेकिन कोई पत्थर तो नहीं,….
उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा
उसके इकरार का इंतजार है मुझे
जाने क्यूँ उससे इतना प्यार है मुझे
ऐ खुदा कब आएगा वो हसीन पल
जब वो खुद कहेगी जान तुमसे प्यार है मुझे