बस इतनी सी ही कहानी थी मेरी मोहब्बत की मौसम की तरह तुम बदल गए, फसल की तरह मैं बरबाद हो गया|
निगाहें नाज करती है फलक के आशियाने से,खुदा भी रूठ जाता है किसी का दिल दुखाने से।
धैर्य हमेशा आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा,
लगन आपको मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगा,
मूल्यवान है ज़िन्दगी का हर लमहा,
इसे व्यतीत न करें बल्कि जी भर के जियें।
Sirf ek baar Galey Lag kar mere Dil ki Dhadkan Sunn,Phir Lautney ka irada Hum Tum par chor Den Ge.
टी टी: - ये विकलांग लोगों का डिब्बा है इसमें क्यों सफर कर रहे हो...???पप्पू: जी सर मेरे साथ ये है...!!टी टी: - ये तो आम है।पप्पू: - हाँ लेकिन ये लँगड़ा आम है...