एक चाहत थी तेरे साथ जीने की वरना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी!!!
इंसानी जिस्म में सैंकड़ों हैवान देखे हैं,
मैंने दिल में रंजिश रख महफ़िल में आये मेहमान देखे हैं|”
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख,
मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकलकर देख…!
खूबसूरती से धोका न खाइये जनाब…
तलवार कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो…
मांगती तो खून ही हे…
होली का रंग तो कुछ पलो में धूल जाएगा
दोस्ती और प्यार का रंग नहीं धुल पाएगा
यही तो असली रंग है ज़िंदगी का
जितना रंगोगे उतना ही गहरा होता जाएगा
हैप्पी होली