चले गये है दूर कुछ पल के लिए,मगर करीब है हर पल के लिए,कैसे भुलायेंगे आपको एक पल के लिए,जब हो चुका है प्यार उम्र भर के लिए.
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तूने रुख से नक़ाब क्या उठाया,
कम्बखत दिल मुँह को होने लगा,
शर्मा कर , सितारे हैं छुपने लगे,
महताब बादलों से जो निकलने लगा
उनका भी कभी हम दीदार करते है,उनसे भी कभी हम प्यार करते है,क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी,पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है..!!
वतन हमारा ऐसा कोई न छोड़ पाये,रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये,दिल एक है एक है जान हमारी,हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी शान है.
Vo samjhta hai ki har shakhs badal jata hai…..
Ussey lagta hai zamana us ke jaisa hai….