नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यू नही
इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यू नही…!!!
आज ना पूछो मुझसे मेरी उदासी का सबब,बस सीने से लगा कर मुझे रूला दे कोई।
कोई आदत, कोई बात, या सिर्फ मेरी खामोशी,कभी तो, कुछ तो, उसे भी याद आता होगा।
तुम्हें कैसे लगा मैं फ़ोन नम्बर भूल जाऊँगामुझे तो रोल नम्बर भी तुम्हारा याद है अब तक।
जुबान पे तेरा नाम लाया हैं
बहुत मुश्किल से करता हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है लेकिन गुज़ारा हो ही जाता है!